प्रयागराज। महाकुंभ 2025 के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ संगम तट पर उमड़ पड़ी है। भोर से ही गंगा स्नान और दान-पुण्य का सिलसिला जारी है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुण्य लाभ अर्जित करने के लिए पहुंचे हैं। इसी क्रम में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला कार्यालय प्रभारी और नवनियुक्त मीडिया प्रतिनिधि सामोद कुमार दिवाकर ने भी प्रयागराज पहुंचकर संगम में आस्था की डुबकी लगाई और देशवासियों की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।
संगम तट पर गंगा स्नान और आध्यात्मिक अनुष्ठान
महाकुंभ के इस शुभ अवसर पर सामोद कुमार दिवाकर ने संगम तट पर पवित्र गंगा स्नान किया और धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। गंगा स्नान के बाद उन्होंने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई और संतों-महात्माओं से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने कहा, कि“महाकुंभ सनातन संस्कृति की दिव्य परंपरा को संजोए हुए है। यह आयोजन आस्था, एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां आकर आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।”
भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति
महाकुंभ 2025 के इस आयोजन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान गाजियाबाद प्रतिनिधि जितेंद्र गौड़, मुजफ्फरनगर-शामली केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार के राजवीर कश्यप, लाखेड़ा-पहना से भाजपा पूर्व मंडल अध्यक्ष महेश सैनी सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी महाकुंभ के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।
वीरु चौधरी से विशेष भेंट
महाकुंभ के दौरान समोद कुमार दिवाकर ने राज्य मंत्री भारत सरकार सुरेंद्र चौधरी के छोटे भाई वीरु चौधरी से विशेष भेंट की। इस दौरान विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई, साथ ही महाकुंभ के सफल आयोजन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
महाकुंभ: आस्था और सेवा का अद्भुत संगम
महाकुंभ 2025 में लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से प्रयागराज आ रहे हैं, जिससे यह आयोजन और भी भव्य हो गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने श्रद्धालुओं की सेवा और मार्गदर्शन में अपनी भूमिका निभाते हुए कई सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लिया।
देशवासियों से महाकुंभ में शामिल होने की अपील
समोद कुमार दिवाकर और भाजपा नेताओं ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि महाकुंभ में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और इस दिव्य आयोजन का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि महाकुंभ हमें अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करता है। यह आयोजन आत्मिक उन्नति और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। सभी को इसमें सहभागिता करनी चाहिए।”