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मुजफ्फरनगर। जिले में टीबी उन्मूलन अभियान के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा टीबी से ग्रस्त 5 बच्चों को गोद लिया गया। इन बच्चों को न केवल बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा बल्कि उनके पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए सीएमओ कार्यालय की ओर से बच्चों को पोषण पोटली भी दी गई, जिससे उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत में सुधार हो सके।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह सुनिश्चित किया गया कि टीबी मरीजों को सिर्फ दवाइयां ही नहीं, बल्कि सही पोषण भी मिले। इसके लिए गोद लिए गए बच्चों को प्रोटीन युक्त आहार और अन्य पोषण सामग्री से भरी पोषण पोटली दी गई। इसमें दूध, दलिया, मूंगफली, गुड़, चना, सोयाबीन, ड्राई फ्रूट्स और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल किए गए।
भारत सरकार ने 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार नवाचार और विशेष योजनाएँ चलाई जा रही हैं। टीबी मरीजों को निशुल्क इलाज, दवाएं और आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। टीबी मरीजों को निशुल्क दवाएं और इलाज,टीबी मरीजों को 500 रुपये प्रतिमाह पोषण सहायता,निशुल्क एक्स-रे और अन्य मेडिकल जांच,समय-समय पर परामर्श और जागरूकता कार्यक्रम किया जाता है।
सीएमओ ने टीबी से पीड़ित 5 बच्चों को गोद लेने और उन्हें पोषण पोटली देने का यह कदम बेहद सराहनीय है। यह न केवल उनकी सेहत सुधारने में मदद करेगा बल्कि अन्य मरीजों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा। समाज के अन्य लोगों को भी ऐसे मरीजों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए, ताकि भारत को टीबी मुक्त बनाने का सपना जल्द साकार हो सके।
सीएमओ ने बताया कि टीबी जैसी बीमारी को खत्म करने के लिए केवल दवाओं से काम नहीं चलेगा। मरीजों को अच्छा पोषण और मानसिक समर्थन भी देना होगा। उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि इन बच्चों को एक स्वस्थ जीवन देना है। पोषण पोटली से इनका इम्यून सिस्टम मजबूत होगा, जिससे ये जल्दी ठीक हो सकेंगे।”
इस कार्यक्रम में सीएमओ ऑफिस से डॉ. निगम, टीबी हॉस्पिटल से हेमंत यादव (पीपीएम) और विपिन शर्मा (एसटीएस) मौजूद रहे। उन्होंने बच्चों और उनके अभिभावकों को टीबी के प्रति जागरूक किया और समय पर दवा लेने की सलाह दी।